प्र.1) नागेश्वर ज्योतिर्लिंग कहाँ है?
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग (औंढा नागनाथ) हिंगोली जिला, महाराष्ट्र में स्थित है। यह बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
प्र.2) यह प्रसिद्ध क्यों है?
यह भगवान शिव का पवित्र धाम है। भक्त मानते हैं कि यहाँ की पूजा से नकारात्मकता दूर होती है, जीवन की बाधाएँ हटती हैं और आध्यात्मिक लाभ मिलता है।
प्र.3) दर्शन में कितना समय लगता है?
सामान्य दिनों में दर्शन में लगभग 30–60 मिनट लगते हैं। श्रावण मास, महाशिवरात्रि और त्योहारों के दौरान समय बढ़ सकता है।
प्र.4) दर्शन का समय?
मंदिर सुबह 5:30 से रात 9:00 बजे तक खुला रहता है। विशेष अवसरों पर भक्तों के लिए अतिरिक्त समय रखा जाता है।
प्र.5) अभिषेक समय?
अभिषेक सामान्यतः सुबह 5:30 से दोपहर 12:00 बजे तक किया जाता है। श्रावण और महाशिवरात्रि में विशेष अभिषेक आयोजित होते हैं।
प्र.6) भीड़ कब होती है?
सप्ताहांत, सोमवार, श्रावण मास और महाशिवरात्रि में अधिक भीड़ रहती है।
प्र.7) मंदिर की कथा?
कथा के अनुसार, राक्षस दरुका ने लोगों को कष्ट दिया। उसकी पत्नी दरुकावती ने भगवान शिव से प्रार्थना की। शिव ने ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट होकर राक्षस का नाश किया और यह स्थान नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
प्र.8) क्या मोबाइल ले जा सकते हैं?
मंदिर के अंदर मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना वर्जित है।
प्र.9) किस जिले में है?
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग हिंगोली जिला, महाराष्ट्र में स्थित है।
प्र.10) पास की सुविधाएँ?
रेल्वे स्टेशन: हिंगोली (लगभग 25 किमी)
एयरपोर्ट: नांदेड़ एयरपोर्ट (लगभग 60 किमी)
बस स्टॉप: औंढा नागनाथ बस स्टैंड
प्र.11) महाराष्ट्र के ज्योतिर्लिंग?
त्र्यंबकेश्वर (नासिक), भीमाशंकर (पुणे), घृष्णेश्वर (छत्रपती संभाजीनगर), औंढा नागनाथ (हिंगोली)
प्र.12) क्या भक्त ज्योतिर्लिंग को छू सकते हैं?
अभिषेक के समय पुजारी की अनुमति से भक्त छू सकते हैं।
प्र.13) मंदिर जाने के लाभ?
यहाँ की पूजा से नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा, मानसिक शांति, स्वास्थ्य लाभ और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
प्र.14) अन्य नाम?
इसे औंढा नागनाथ ज्योतिर्लिंग के नाम से भी जाना जाता है।
प्र.15) क्यों नागेश्वर कहा जाता है?
‘नाग’ का अर्थ साँप। यहाँ भगवान शिव सर्प विष और हानिकारक शक्तियों से रक्षा करने वाले रूप में पूजनीय हैं।
प्र.16) पंडितजी कैसे बुक करें?
यदि आप पंडितजी को पहले से बुक करें और दक्षिणा तय कर दें, तो अधिकृत पुजारी द्वारा उचित पूजा और अनुष्ठान करवाए जाते हैं।
प्र.17) मंदिर जाने का उत्तम समय?
सुबह के समय शांतिपूर्ण दर्शन के लिए उत्तम हैं। श्रावण मास और महाशिवरात्रि अत्यंत शुभ माने जाते हैं।
प्र.18) 12 ज्योतिर्लिंगों में स्थान?
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग परंपरागत रूप से आठवां ज्योतिर्लिंग माना जाता है।
प्र.19) क्या यह महाराष्ट्र में है?
हाँ, यह हिंगोली जिले, महाराष्ट्र में स्थित है।