नागेश्वर ज्योतिर्लिंग में किए जानेवाली सभी पूजाएं

नागेश्वर पूजा सर्विसेस के माध्यम से ऑनलाइन पूजा और ऑफलाइन पूजा बुकिंग के लिए गुरुजी बुक करें।

आप दो विकल्पों में से—ऑनलाइन पूजा और ऑफलाइन पूजा—अपनी इच्छित पूजा सीधे चुन सकते हैं। आपका भुगतान सफलतापूर्वक पूर्ण होने के बाद, आपको पूजा बुकिंग की जानकारी प्राप्त होगी। सभी विधियाँ अनुभवी पुजारियों द्वारा वैदिक परंपराओं के अनुसार की जाती हैं। आपकी बुकिंग पुष्टि होने के बाद आप गुरुजी से संपर्क कर सकते हैं।

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Comming Soon
Pandit Name: Comming Soon
Contact: 8380808399
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Online/Offline Puja Booking Form

Note:

  • Each booking permits only one couple or two individuals only. Puja booking details will be shared only after successful puja booking done.
  • All required puja samagri is included in the puja charges.
  • All the pandits listed on this website are verified priests who perform puja rituals inside the temple.
  • Abhisheka are conducted inside the temple’s Garbhagriha and can touch the Shivling during the ritual only for Offline pujas mode.
  • You must reach the designated puja location as coordinated and communicated by the Pandit Ji, for offline puja booking’s.(recommended to call panditji before 1 day of your puja date.) Puja bookings are Non-Refundable.
  • For offline puja bookings, you must reach the puja location 15 min. before the temple closing time(recommended),as communicated and guided by panditji.

नागेश्वर पूजा सर्विसेस के पूजा बुकिंग पोर्टल पर आपका स्वागत है। इस प्लेटफ़ॉर्म पर सूचीबद्ध सभी गुरुजी मान्यता प्राप्त हैं और मंदिर परिसर के भीतर पूजा विधि करते हैं। नागेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित सबसे पवित्र और प्राचीन मंदिरों में से एक है, जो पूरे भारत तथा दुनिया भर से आने वाले भक्तों को आकर्षित करता है। भक्त दूर से भी दिव्य विधियों में भाग ले सकें, इसके लिए नागेश्वर पूजा सर्विसेस पारंपरिक वैदिक पद्धति के अनुसार पूजा कराने के लिए अनुभवी और स्वतंत्र गुरुजी से जुड़ने का एक सुविधाजनक माध्यम प्रदान करता है।

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में की जाने वाली विशेष अभिषेक पूजा

1. रुद्राभिषेक पूजा:

महाराष्ट्र के नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में रुद्राभिषेक पूजाभगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान माना जाता है। इस पूजा में शिवलिंग का अभिषेक करते हुए रुद्र मंत्रों का उच्चारण किया जाता है, जिससे भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

पूजा की अवधि:

लगभग 20-25 मिनट Approx.

नागेश्वर, औंढा नागनाथ में रुद्राभिषेक पूजा की दक्षिणा

रुद्र अभिषेक पूजा का खर्च (0000) से (0000) के बीच होता है, जो आपके द्वारा चुने गए पूजा के प्रकार—ऑनलाइन पूजा मोड या ऑफलाइन पूजा मोड—और उस दिन पर निर्भर करता है।

पूजा की सामग्री

सभी आवश्यक पूजा सामग्री दक्षिणा में शामिल है|

रुद्राभिषेक पूजा का समय और अन्य विवरण

सुबह: 6:00 AM – 12:00 PM
शाम: 4:00 PM – 8:00 PM (सटीक समय मंदिर के समय-सारणी, त्योहारों और भीड़ के अनुसार बदल सकता है।)

2. जलाभिषेक पूजा:

ऐसा माना जाता है कि यह पूजा करने से महादेव के साथ प्रेम, पवित्रता और आध्यात्मिकता का सीधा अर्पण जुड़ता है। शिवलिंग पर जल अर्पित करना भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है। शिव पुराण के अनुसार, जल शिवलिंग की शक्तिशाली ऊर्जा को शांत करता है और भक्त के जीवन में ब्रह्मांडीय स्पंदनों को संतुलित करता है।

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग में जलाभिषेक पूजा का महत्त्व:

जलाभिषेक पूजा का समय (प्रतिदिन)

सुबह की पूजा: 06:00 AM – 12:00 PM
दोपहर की पूजा: 12:30 PM – 04:00 PM (मंदिरों के कार्यक्रम, त्योहारों और भीड़ के आधार पर सटीक समय में बदलाव हो सकता है।)

जलाभिषेक पूजा की अवधि

लगभग 5-7 मिनट Approx.

नागेश्वर, औंढा नागनाथ में जलाभिषेक पूजा की दक्षिणा

जलाभिषेक पूजा का खर्च ₹000/- से ₹000/- के बीच होता है, जो आपके द्वारा चुने गए पूजा के प्रकार और उस दिन—ऑनलाइन पूजा या ऑफलाइन पूजा मोड—पर निर्भर करता है।

पूजा की सामग्री

सभी आवश्यक पूजा सामग्री दक्षिणा में शामिल है|

3. दूधाभिषेक पूजा:

दूध अभिषेक पूजा भगवान शिव की उपासना में अत्यंत शुभ मानी जाती है। यह पूजा मन और आत्मा को शुद्ध करने में मदद करती है, बाधाओं और नकारात्मक प्रभावों को दूर करती है, तथा अच्छे स्वास्थ्य, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती है। यह पवित्र विधि भक्ति को और अधिक मजबूत करती है और आध्यात्मिक प्रगति में सहायक होती है, जिससे भक्तों को भगवान शिव के साथ अधिक निकटता का अनुभव होता है।

दुधाभिषेक पूजा का समय (प्रतिदिन)

सुबह की पूजा: 06:00 AM – 12:00 PM
दोपहर की पूजा: 12:30 PM – 04:00 PM (मंदिरों के कार्यक्रम, त्योहारों और भीड़ के आधार पर सटीक समय में बदलाव हो सकता है।)

पूजा की अवधि:

लगभग 10-15 मिनट Approx.

नागेश्वर, औंढा नागनाथ में दूधाभिषेक पूजा की दक्षिणा

लगभग [Comming Soon].

पूजा की सामग्री

सभी आवश्यक पूजा सामग्री दक्षिणा में शामिल है|

4. लघुरुद्र अभिषेक पूजा

यह भगवान शिव को समर्पित एक पवित्र वैदिक विधि है, जो आध्यात्मिक प्रगति, पारिवारिक सौहार्द और मनोकामना की पूर्ति के लिए की जाती है। इस पूजा के दौरान शिवलिंग का विधिपूर्वक अभिषेक किया जाता है और शक्तिशाली रुद्र मंत्रों का जप किया जाता है, जिससे अत्यंत आध्यात्मिक वातावरण उत्पन्न होता है। यह पूजा प्रायः भक्तों द्वारा करियर में सफलता, विवाह, संतान प्राप्ति, उत्तम स्वास्थ्य और समग्र समृद्धि के आशीर्वाद के लिए की जाती है।

लघुरुद्र अभिषेक पूजा का समय (प्रतिदिन)

सुबह: 6:00 AM – 12:00 PM
शाम: 4:00 PM – 8:00 PM (सटीक समय मंदिर के समय-सारणी, त्योहारों और भीड़ के अनुसार बदल सकता है।)

पूजा की अवधि:

लगभग 35 -45 min Approx.

औंढा नागनाथ में लघुरुद्र अभिषेक पूजा की दक्षिणा

रुद्र अभिषेक पूजा का खर्च coming soon के बीच होता है, जो आपके द्वारा चुने गए पूजा के प्रकार और उस दिन—ऑनलाइन पूजा मोड या ऑफलाइन पूजा मोड—पर निर्भर करता है।

पूजा की सामग्री

सभी आवश्यक पूजा सामग्री दक्षिणा में शामिल है|

5. रुद्रसूक्त अभिषेक पूजा:

यह एक पवित्र वैदिक विधि है जिसमें शिवलिंग का पवित्र अर्पणों से अभिषेक किया जाता है और ऋग्वैदिक रुद्र सूक्त का पाठ किया जाता है। यह शक्तिशाली विधि भगवान शिव को उनके रुद्र रूप में आवाहित करती है, जिससे भय, नकारात्मकता, दुःख और बाधाएँ दूर होती हैं तथा दिव्य आशीर्वाद और आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है।

रुद्रसूक्त अभिषेक पूजा का समय और अन्य विवरण

सुबह: 6:00 AM – 12:00 PM
शाम: 4:00 PM – 8:00 PM (सटीक समय मंदिर के समय-सारणी, त्योहारों और भीड़ के अनुसार बदल सकता है।)

पूजा की अवधि:

लगभग 20 - 25 min Approx.

औंढा नागनाथ में रुद्रसूक्त अभिषेक पूजा की दक्षिणा

लगभग [Comming Soon].

पूजा सामग्री:

सभी आवश्यक पूजा सामग्री पंडित जी की दक्षिणा में शामिल है और इसकी व्यवस्था पंडित जी द्वारा ही की जाती है।

मंदिर में पहनावे का नियम और शिष्टाचार:

सभी अभिषेक पूजा के लिए, मंदिर की परंपरा के अनुसार पुरुषों को गर्भगृह के अंदर अपनी कमीजें उतारनी होंगी। मंदिर दर्शन के दौरान पुरुषों और महिलाओं दोनों को शालीन, पारंपरिक भारतीय पोशाक पहनने की सलाह दी जाती है।

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